Introduce Yourself (Example Post)

This is an example post, originally published as part of Blogging University. Enroll in one of our ten programs, and start your blog right.

You’re going to publish a post today. Don’t worry about how your blog looks. Don’t worry if you haven’t given it a name yet, or you’re feeling overwhelmed. Just click the “New Post” button, and tell us why you’re here.

Why do this?

  • Because it gives new readers context. What are you about? Why should they read your blog?
  • Because it will help you focus you own ideas about your blog and what you’d like to do with it.

The post can be short or long, a personal intro to your life or a bloggy mission statement, a manifesto for the future or a simple outline of your the types of things you hope to publish.

To help you get started, here are a few questions:

  • Why are you blogging publicly, rather than keeping a personal journal?
  • What topics do you think you’ll write about?
  • Who would you love to connect with via your blog?
  • If you blog successfully throughout the next year, what would you hope to have accomplished?

You’re not locked into any of this; one of the wonderful things about blogs is how they constantly evolve as we learn, grow, and interact with one another — but it’s good to know where and why you started, and articulating your goals may just give you a few other post ideas.

Can’t think how to get started? Just write the first thing that pops into your head. Anne Lamott, author of a book on writing we love, says that you need to give yourself permission to write a “crappy first draft”. Anne makes a great point — just start writing, and worry about editing it later.

When you’re ready to publish, give your post three to five tags that describe your blog’s focus — writing, photography, fiction, parenting, food, cars, movies, sports, whatever. These tags will help others who care about your topics find you in the Reader. Make sure one of the tags is “zerotohero,” so other new bloggers can find you, too.

10+ Free Blogging Tools In Hindi – फ्री ब्लॉगिंग टूल्स

यदि आप ब्लॉगिंग करते है तो आपको Free Blogging Tools के बारे में पता होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। यदि आपके पास पेड टूल खरीदने के लिए पैसे नहीं है तो आप इन टूल्स का उपयोग करें। यह फ्री है। यह आपके लिए ब्लॉग्गिंग में बहुत ही मददगार हो सकते हैं।

ब्लॉगिंग टूल्स हम उन्हें कहते है जो कि ब्लॉगिंग करते वक्त हमारी मदद करते है। हम इनकी सहायता से ब्लॉगिंग को आसान बना सकते है। इनके बिना ब्लॉग्गिंग करना बहुत ही मुश्किल है।

फ्री ब्लॉगिंग टूल्स

1. Ubbersuggest

यह एक आल इन ओने  SEO टूल है। इसकी मदद से आप कीवर्ड रिसर्च, बैकलिंक रिसर्च, डोमेन डोमेन ओवरव्यू, SEO ऑडिट आदि कर सकते है। 

2. Blogger 

यह एक ब्लॉग्गिंग प्लेटफॉर्म है। इस पर आप फ्री ब्लॉग बनाकर ब्लॉग्गिंग कर सकते हैं। 

3. TinyPNG 

यह एक ऐंसा टूल है जिससे आप अपने ब्लॉग में इस्तेमाल हो रही इमेजेज क्क साइज कम कर सकते है। इससे आपका पेज जल्दी लोड हो जायेगा। 

4. GT Metrix 

इसकी मदद से आप अपनी साइट या वेब पेज का लोड टाइम चेक कर सकते है। 

5. Google Search Console

इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को Google में इंडेक्स करा सकते है और Blog का एनालिटिक्स देख सकते है। 

6. Google Analytics 

इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक को एनालिटिक्स देख सकते हैं। 

7. Pixabay

इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग के लिए कॉपीराइट फ्री इमेजेज डाउनलोड कर सकते हैं। 

8. Google Keyword Planner

इसकी मदद से आप कीवर्ड रिसर्च कर सकते है मतलब किसी भी कीवर्ड की सर्च वॉल्यूम चेक कर सकते है। 

9. Google Adsense 

इसकी सहायता से आप अपने ब्लॉग को मोनेटाइज करके इससे पैसे कमा सकते है। 

10. Canva 

इससे आप अपने ब्लॉग के लिए इमेजेज डिज़ाइन कर सकते है। 

11. Grammarly

इसकी सहायता से आप इंग्लिश लिखते वक्त की गयी गलतियों को ढूंढ़कर उसे ठीक कर सकते है। 

12. Gooyaabi Templates 

इससे आप अपने ब्लॉग के लिए फ्री थीम डाउनलोड कर सकते हैं। 
इससे आप अपने ब्लॉग को लोगों द्वारा सब्सक्राइब करा कर लोगों को ईमेल नोटिफिकेशन भेज सकते हैं। 
तो यह वह Blogging tools थे जिनकी मदद से आप ब्लॉगिंग कर सकते हैं। 

Vigyan Ke Chamatkar – विज्ञान के चमत्कार पर हिंदी निबंध

Vigyan Ke Chamatkar (विज्ञान के चमत्कार) पर हिंदी निबंध जिसको आप अपने School Exam या School Test में लिख सकते हैं। 


Vigyan Ke Chamatkar : विज्ञान के चमत्कार

(1) बड़ा निबंध

Vigyan Ke Chamatkar : विज्ञान के चमत्कार

रूपरेखा :-

  1. प्रस्तस्वना
  2. विज्ञान का अर्थ
  3. वैज्ञानिक आविष्कार
  4. विज्ञान की उपलब्धियां
  5. कंप्यूटर
  6. विज्ञान से लाभ हानि
  7. उपसंहार



प्रस्तस्वना

आज का युग विज्ञान का युग है क्योंकि वैज्ञानिक प्रगति के कारण आज हमारे जीवन में हमें बहुत से आश्चर्यजनक परिवर्तन देखने को मिलते हैं जो कि विज्ञान की देन है। विज्ञान ने जितनी आज के वक्त में प्रगति की है इससे पहले कभी नहीं की। हमारा वैज्ञानिक इतिहास बहुत ही प्रगतिशील था जिसके कारण आज के वक्त में हमारी वैज्ञानिक प्रगति बहुत ही अधिक तेज है। आज विज्ञान ने जो आविष्कार किए हैं उनके कारण हमारा जीवन आसान और आरामदायक हो गया है इसके साथ विज्ञान ने हमारे जीवन को सुरक्षित बनाने का कार्य भी किया है। आज विज्ञान हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 


विज्ञान ने दुनिया के हर क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है चाहे वह यातायात, संचार, कंप्यूटर, खेती, चिकित्सा कोई भी क्षेत्र हो आज वह विज्ञान से अछूता नहीं है। 

विज्ञान सिर्फ पृथ्वी पर दिखाई नहीं देता है। आज वह पृथ्वी के बाहर और पृथ्वी से दूर अन्य ग्रहों पर भी दिखाई देता है। जिस प्रकार भारत ने Chandrayaan-2 में सफलता प्राप्त की है यह सिर्फ भारत की सफलता नहीं है यह पूरे विज्ञान जगत की सफलता है। 


विज्ञान का अर्थ

विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है वि + धन = विज्ञान। यहां पर वि का मतलब होता है विशिष्ट और ज्ञान का मतलब गया ज्ञान ही होता है। जब हम इनको मिलाते हैं तो बनता है विशिष्ट ज्ञान। वह ज्ञान जो विशिष्ट होता है विज्ञान कहलाता है। यह ज्ञान ना ही अंधविश्वास पर आधारित है और ना ही कल्पना पर आधारित है। आज तक हुए सभी प्रकार के आविष्कार के पीछे विज्ञान के ही हाँथ थे। और विज्ञान के पीछे मानव की आवश्यकता थी। इसलिए कहा जाता है कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। 

वैज्ञानिक खोजें  एवं आविष्कार

आज ऐसी वैज्ञानिक खोज और आविष्कार हो चुके हैं जो कि हमारे जीवन को बहुत ही आसान और आरामदायक बनाते हैं। आज विज्ञान यातायात के लिए वाहन इलेक्ट्रिसिटी इंटरनेट कंप्यूटर मोबाइल आदि का आविष्कार किया है जोकि किसी चमत्कार से कम नहीं है। अल्बर्ट आइंस्टीन और न्यूटन जैसे महान वैज्ञानिकों ने विज्ञान की वह खोजें की जिनके आधार पर ही आज के आधुनिक उपकरण बनाए जा सकते हैं। ऐसे बहुत से वैज्ञानिक थे जिन्होंने महान आविष्कार किए। 

विज्ञान की उपलब्धियां

 जैसा कि विज्ञान ने हर क्षेत्र में उपलब्धी हासिल की है। विज्ञान द्वारा इन क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल की गई है। 
यातायात के क्षेत्र में : आज बस, कार, स्कूटर, बाइक, साइकिल, ट्रेन, एरोप्लेन, शिप्स, हेलीकाप्टर आदि विज्ञान की ही देन है। आप इन यातायात के साधन का उपयोग करके दुनिया के किसी भी स्थान पर थोड़ा समय में पहुंच सकते हैं। पहले के समय में कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में कई घंटे लग जाते थे लेकिन आज के इन साधनों से आप कुछ किलोमीटर की दूरी कुछ मिनटों में ही तय कर सकते हैं। 
आज के वक्त में बुलेट ट्रेन दुनिया का सबसे तेजी से सफर करने के लिए साधन है इसमें आप 300 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दूरी तय कर सकते हैं। और इसकी कीमत ज्यादा महंगी भी नहीं है। जल्द ही भारत में भी बुलेट ट्रेन आने वाली है जिससे भारतीय भी अपना सफर बहुत ही जल्दी तय कर सकते हैं। लेकिन यदि आपके पास पैसे हैं तो आप एरोप्लेन से कुछ ही घंटों में दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने में जा सकते हैं। 
चिकित्सा के क्षेत्र में : चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की उपलब्धि बहुत बड़ी है क्योंकि यह लोगों को जिंदगी देने का कार्य करता है। पहले यदि किसी को छोटी सी भी बीमारी हो जाए तो उसकी जान चली जाती थी लेकिन आज विज्ञान ने ऐसी ऐसी बीमारियों का इलाज किया है इसका इलाज पहले के समय में नामुमकिन समझा जाता था। आज विज्ञान कैंसर जैसी बड़ी बीमारी पर विजय प्राप्त करने की राह पर है। 
विज्ञान द्वारा आविष्कार की गई एक्स-रे मशीन द्वारा हम अपने शरीर के अंदर झांक सकते हैं। एक्स-रे मशीन चोट लगने पर टूटी हुई हड्डी का पता लगाने में बहुत ही कारगर है। सोनोग्राफी मशीन विज्ञान का अद्भुत आविष्कार है यह शरीर की बीमारियों का पता लगाने में बहुत ही कारगर है। 
विद्युत शक्ति एवं ऊर्जा के क्षेत्र में : आज के वक्त के ज्यादातर वैज्ञानिक उपकरणों को चलने के लिए विद्युत शक्ति की जरूरत होती है। टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर, मोबाइल फोन चाहे कोई भी उपकरण हो उसे चलने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। बिजली हमारे घरों को रोशन करती है। बिजली की सहायता से ही ट्रेन और बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां कार्य कर पाती हैं। 
आज ऊर्जा एवं विधुत के लिए सोर ऊर्जा, जल ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि का उपयोग होता है। यह ऊर्जा के आधुनिक स्रोत हैं। यह जरा भी पर्यावरण प्रदूषण नहीं करते हैं। आज विद्युत का उपयोग से हम खाना बना सकते हैं अपने घर को ठंडा गर्म कर सकते हैं और बहुत से काम जो कि हमारे लिए जरूरी है कर सकते हैं।आजकल की आधुनिक जिंदगी बिना बिजली के नामुमकिन है। 
संचार के क्षेत्र में : संचार के क्षेत्र की प्रगति के कारण ही विज्ञान का विस्तार इतना अधिक हो पाया है कोई भी सूचना हो वह कुछ ही समय में पूरी दुनिया में पहुंच जाती है। आज हम मोबाइल फोन के द्वारा हजारों किलोमीटर दूर होते हुए भी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात कर सकते हैं। इसके अलावा टेलीफोन फैक्स सूचना संचार के अच्छे साधन है।

इंटरनेट संचार और जानकारी के सबसे अच्छा स्रोत है। इंटरनेट के द्वारा हम दुनिया की सारी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। इंटरनेट संचार का एक अच्छा साधन है। इंटरनेट इसीलिए भी उपयोगी सिद्ध होता है क्योंकि इसकी कीमत बहुत ही कम है और आम आदमी भी इसका उपयोग कर सकता है।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में : आज मंगल ग्रह विज्ञान से अछूता नहीं है। मानव द्वारा बनाए गए रोबोट मंगल ग्रह पर पहुंच चुके हैं और मनुष्य स्वयं चांद पर अपने कदम रख चुका है। वह दिन दूर नहीं है जब हमारे कदम मंगल ग्रह पर भी होंगे। भविष्य में विज्ञान के द्वारा मानव दूसरे ग्रह पर बस्ती बसाने की तैयारी कर रहा है।

विज्ञान द्वारा बनाई गई सेटेलाइट्स आज हमारे लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। मौसम की भविष्यवाणी करने में सैटेलाइट का उपयोग बहुत ही महत्वपूर्ण है इसके अलावा इसका उपयोग संचार के लिए भी किया जा सकता है।

सुरक्षा के क्षेत्र में : मानव जाति को सबसे अधिक खतरा है वह है आतंकवाद से। इसीलिए सुरक्षा हमारे लिए बहुत ही अधिक आवश्यक है और सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी सेना पर होती है। विज्ञान ने हमारे सैनिकों के लिए आधुनिक हथियारों का निर्माण किया है जिससे हम हमारे सैनिकों की जान गवाए बना आतंकवाद और अन्य खतरों से लड़ सकते हैं।

आधुनिक राइफल्स, मिसाइल, बम आदि आधुनिक युद्ध के लिए अति आवश्यक है।



कंप्यूटर 

कंप्यूटर को यदि विज्ञान का सबसे बड़ा करिश्मा कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। आज कंप्यूटर द्वारा जो कार्य होते हैं उनकी कल्पना करना भी पहले के समय में नामुमकिन लगता था। लैपटॉप, मोबाइल, गेमिंग कंसोल सभी कंप्यूटर डिवाइस ही कहलाते हैं। इनका आधार कंप्यूटर ही है। हम कंप्यूटर द्वारा बहुत ही मुश्किल कार्य को बहुत ही कम समय में कर सकते हैं और बहुत सी जानकारी को एकत्रित कर सकते हैं।

कंप्यूटर डिवाइस से हम इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं और आप इंटरनेट की उपयोगिता तो जानते ही होंगे।

विज्ञान से लाभ-हानि

विज्ञान के अच्छे पहलू के साथ कुछ बुरे पहलू भी हैं। जब तक विज्ञान का उपयोग उन्नति के लिए किया जाता है तब तक यह वरदान है लेकिन जब विज्ञान का उपयोग विनाश के लिए किया जाता है तो यह अभिशाप है। विज्ञान द्वारा जिन हथियारों का उपयोग का आविष्कार सुरक्षा के लिए किया गया है आज उनका उपयोग मानव जाति का विनाश करने के लिए ही किया जा रहा है। विज्ञान द्वारा परमाणु बम का निर्माण किया गया है। यह दुनिया को कुछ ही मिनटों में खत्म कर सकते हैं और मानव जाति का अंत कर सकते हैं। 
आज विज्ञान द्वारा बनाई गई मशीनों के कारण हमारा पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। भविष्य में शुद्ध वायु और शुद्ध पानी प्राप्त करना बहुत ही मुश्किल होगा। आज मशीनें इंसान की जगह ले रहे हैं इसलिए बेरोजगारी की समस्या बहुत ही बढ़ती जा रही है। 

उपसंहार

विज्ञान ने हमेशा ही खुद को मानव के अच्छे मित्र के रूप में सिद्ध किया है। पर मानव ने इसके अत्यधिक और दुरुपयोग से इसे खुद का दुश्मन बना दिया है। विज्ञान का उपयोग अच्छा करना है या बुरा यह मानव के ऊपर है। मानव चाहे तो विज्ञान का उपयोग अपनी उन्नति के लिए कर सकता है या चाहे तो अपने विनाश के लिए। 
विज्ञान द्वारा अविष्कार किए गए साधन को सही तरह से उपयोग करेंगे तो हम विज्ञान के साथ और भी अधिक प्रगति कर पाएंगे इसीलिए विज्ञान का अच्छा और सही उपयोग करना चाहिए। 
(2) छोटा निबंध

Vigyan Ke Chamatkar : विज्ञान के चमत्कार


रूपरेखा :-

  1. भूमिका
  2. यातायात के क्षेत्र में
  3. कंप्यूटर 
  4. संचार एवं जानकारी के स्त्रोत
  5. बिजली वरदान स्वरुप
  6. चिकित्सा एवं सर्जरी
  7. विज्ञान का दूसरा रूप 
  8. उपसंहार



भूमिका

विज्ञान विज्ञान ने हमारे जीवन को नवीनीकृत कर दिया है। आज हम हमारे चारो ओर वैज्ञानिक आविष्कार देखते हैं। आज के वक्त में हमारे जीवन जीने का स्तर बहुत ही आधुनिक हो गया है। इस आधुनिकरण के पीछे विज्ञान ही है। इस आधुनिकरण के कारण हमारा जीवन आसान और आरामदायक हो गया है। हमें हमारे चारों ओर विज्ञान की प्रकृति बहुत अधिक दिखाई देती है। 

यातायात के क्षेत्र में

यातायात के क्षेत्र में विज्ञान ने बहुत ही अधिक प्रगति की है। हम बस, कार, ट्रेन, स्कूटर, बाइक, एरोप्लेन हेलीकॉप्टर और शिप्स आदि का उपयोग यातायात के साधन के रूप में करते हैं और यही साधन ट्रांसपोर्ट के भी बढ़िया विकल्प है। इनके द्वारा हम बहुत कम समय में बहुत ही अधिक दूरी तय कर सकते हैं। 

कंप्यूटर

कंप्यूटर के आविष्कार के बिना विज्ञान की इतनी अधिक प्रगति नामुमकिन थी। यदि आप आज मोबाइल फोन लैपटॉप आदि का उपयोग कर रहे हैं तो यह कंप्यूटर ही है बस इनका रूप छोटा हो गया है। कंप्यूटर के द्वारा और दुनिया के कठिन से कठिन कार्य को सरल से सरल तरीके से कर सकते हैं और वह भी बहुत ही कम समय में। 

संचार एवं जानकारी के स्त्रोत

टेलीफोन, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, फैक्स, टीवी, रेडियो, इंटरनेट आदि संचार एवं जानकारी के बहुत ही अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इसके द्वारा हम अन्य लोगों से संपर्क कर सकते हैं, उनको जानकारी दे सकते हैं एवं उनसे जानकारी ले सकते हैं। इंटरनेट सबसे आधुनिक तरीका है जिसके द्वारा हम संचार कर सकते और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

बिजली वरदान स्वरुप

जिस तरह से हमें जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार किसी भी आधुनिक उपकरण को चलने के लिए बिजली यानि ऊर्जा की आवश्यकता होती है। कोई भी आधुनिक उपकरण बिना बिजली के मृत जीव के समान है। बिजली के सहायता से ही हमारे घर रोशन होते हैं और बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और ट्रेंस बिजली की सहायता से ही चलती हैं। 

चिकित्सा एवं सर्जरी

विज्ञान की चिकित्सा में प्रगति मानव को जीवन देने का कार्य करती है। आज विज्ञान ने लाइलाज बीमारियों का भी इलाज ढूंढ लिया है। एक्सरे सोनोग्राफी सर्जरी आदि विज्ञान की चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धियां है।आज मनुष्य का औसत जीवन बहुत ही लंबा हो चुका है। 

विज्ञान का दूसरा रूप 

विज्ञान का एक रूप अच्छाई का है लेकिन दूसरा रूप बुराई का है। विज्ञान के कारण बनाए गए आधुनिक हथियार दुनिया को कुछ ही समय में जलाकर राख कर सकते हैं। विज्ञान के कारण आज हमें पर्यावरण प्रदूषण जैसी भयंकर मुसीबत से गुजारना पड़ रहा है। आज मशीनों ने इंसानों की जगह ले ली है जिससे बेरोजगारी की समस्या बढ़ गयी है। 

उपसंहार

विज्ञान स्वयं अच्छा बुरा नहीं है यह मानव के ऊपर है कि वह विज्ञान का उपयोग अच्छाई के लिए करता है कि बुराई के लिए। विज्ञान के उपयोग से ही आज मनुष्य सभी जीवो में ऊपर माना जाता है क्योंकि वह विज्ञान का उपयोग करता है। हम विज्ञान का उपयोग सही तरीके से करेंगे तो हम इसी तरह से प्रगति कर पाएंगे।

आपके लिए जरूरी पोस्ट


Blogging Se Paise Kaise Kamaye – ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए

क्या आप जानते है कि Blogging Se Paise Kaise Kamaye तो आप इस पोस्ट को शुरु से लेकर आखिर तक पूरा पढ़ें। आपको आपके सवाल का जवाब मिल जायेगा। 

आज से मैंने कुछ समय पहले अपने ब्लॉग पर एक पोस्ट कि थी कि Online Paisa Kamane Ka Tarika  इसमें मैंने आपको बताया था की आपको Online Paise Kamane के 11 तरीके बताये थे जिसमें से blogging भी एक था। 

blogging उन सब तरीकों में सबसे अधिक कमाई का तरीका है। लेकिन लोग ब्लॉगिंग करने के सही तरीकों के बारे में नहीं जानते हैं। 

सलिए मैं आप Blogging करने से लेकर Blogging Se पैसे कमाने की साड़ी जानकारी इस ब्लॉग पोस्ट में दूंगा। 

आपके लिए कवर किये जाने वाले टॉपिक्स 

  • Blogging Se Paise Kaise Kamaye
  • ब्लॉग कैसे बनाएं
  • Blogging से पैसे कमाने के तरीके 


Blogging वह है जो कि इस वक्त मैं कर रहा हूँ। Blogging का मतलब होता है कि इंटरनेट पर जानकारी शेयर करना। टेक्स्ट के माध्यम से इंटरनेट पर जानकारी शेयर करना वह भी खुद के ब्लॉग पर (वेबसाइट) ब्लॉगिंग कहलाता है। 

Blogging करने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास एक अपना ब्लॉग हो। और इसके बाद सबसे जरूरी है कि आपके ब्लॉग पर google search से आने वाली आर्गेनिक ट्रैफिक हो। 

यदि आपके ब्लॉग पर 50,000 भी मंथली ट्रैफिक आने लगे तो आप महीने के 30,000 रूपए से लेकर एक लाख रूपए भी कमा सकते है। 

यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप blogging से पैसे कमाने के लिए किस तरीके का उपयोग कर रहे है।

यदि आप टाइपिंग में एक्सपर्ट है और आप टाइपिंग करके पैसे कमाना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को पढ़ें

Blogging Se Paise Kaise Kamaye

Blogging Se Paise Kaise Kamaye

Blogging से पैसे कमाने के लिए सबसे पहले आपको एक blog बनाने की जरूरत होगी। 

ब्लॉग एक Website का प्रकार होता है जिस पर हम जानकारी शेयर करते है और यह डायनमिक रूप में होती है मतलब कि इसमें एक से अधिक पोस्ट एक से अधिक Page होते है। 


ब्लॉग बनाने के लिए आपको एक रूपए की भी जरूरत नहीं है। लेकिन मैं आपको सिर्फ ब्लॉग बनाना नहीं सिखाऊंगा मैं आपको blog बनाने के साथ उससे पैसे कमाना भी सिखाऊंगा। 

अब अगर आपको blogging से पैसे कमाने है तो आपको कुछ तो इन्वेस्ट करना होगा। 

blogging से पैसे कमाने के लिए जो मिनिमम इन्वेस्टमेंट है वह है 500 रूपए साल। लेकिन यदि आप एडवांस blogging करना चाहते है तो आपकी जो मिनिमम इन्वेस्टमेंट है वह है तीन से चार हज़ार रूपए साल। 

क्यूँकि किसी भी तरह के ब्लॉग को बनाने के लिए आपको एक Domain और Hosting की जरूरत होती है। यहाँ पर Domain की कीमत कम होती है। यहाँ आपको .com डोमेन 500 रूपए में एक साल के लिए मिल जायेगा। 

लेकिन जब बात आती है Hosting कि तो लोग यहाँ पर इसे अफोर्ड नहीं कर पाते है या लोग कोई रिस्क नहीं लेना चाहते है। यहाँ पर Hosting आपको 2000 रूपए साल से लेकर एक लाख रूपए साल की भी मिल जाएगी। 

मैंने अपने ब्लॉग पर ब्लॉगिंग से जुड़ी बहुत सारी पोस्ट लिखी है यदि आप एक पोस्ट को पढ़ लेंगे तो आपकी ब्लॉगिंग की राह बहुत आसान हो जाएगी

Blogging से जुड़े कुछ नाम जिनका मतलब आपको पता होना चाहिए  

  • Domain – यह आपके ब्लॉग का नाम होता है उदाहरण के लिए http://www.example.com
  • Subdomain – एक डोमेन से अलग अलग साइट रन करने के लिए डोमेन उदाहरण के लिए example.blogspot.com
  • Hosting – Hosting वह होती है जिसमें कि आप अपनी साइट के कंटेंट को होस्ट करते है 

लेकिन यदि आप blogging को छोटे लेवल पर करना चाहते है तो आप सिर्फ एक डोमेन खरीदें। आपको Hosting खरीदने की जरूरत नहीं है। 

अब आप Blogger प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना है। यदि आप डोमेन भी buy नहीं कर सकते या आप सिर्फ blogging को try करना चाहते है तो आप blogger द्वारा दिए जाने वाला Subdomain इस्तेमाल कर सकते हैं। 

इस Subdomain के साथ पैसा कमाना आसान नहीं है। क्यूंकि यह goolge आसानी से रैंक नहीं करता है।

Blogger में आपको Free Unlimited Hosting मिलती है। और यकीन मानिये की यह दुनिआ की सबसे best hosting है लेकिन इसको आप सिर्फ Blogger के साथ ही इस्तेमाल कर सकते है और Blogger एडवांस ब्लॉगिंग के लिए नहीं है। 

अब बात आती है कि आप यदि एडवांस ब्लॉगिंग करना चाहते हैं। यदि आप होस्टिंग का कॉस्ट हैंडल कर सकते हैं तो आप वर्डप्रेस ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का यूज कर सकते हैं यह बहुत ही एडवांस है और WordPress का इस्तेमाल करके बहुत ही आसानी से पैसे कमा सकते हैं। वैसे ₹250 महीने देना कोई बड़ी बात नहीं है। 

आप यदि DreamHost से Hosting खरीदेंगे तो वह आपको एक फ्रीडोमेन भी देगी। होस्टिंग और डोमेन को आपस में कनेक्ट करने के बाद आपको बस Hosting में WordPressको  इंस्टॉल करना है बस आपका काम हो गया अब आप पोस्ट लिखना चालू कर सकते हैं। 

ब्लॉग बनाएं

ब्लॉग बनाने की प्रक्रिया ब्लॉगर में बहुत ही आसान है और वर्डप्रेस में थोड़ी कठिन है लेकिन आप इसका पूरा वीडियो यूट्यूब पर देख सकते हैं। 

लेकिन मैं आपको थोड़ी बातें बता देता हूं जिनका आपको अपना ब्लॉग बनाते वक्त ध्यान रखना। 

“Free ब्लॉग बनाने की गाइड”

1. अच्छा डोमेन और Hosting बाय करें

आप जब फ्री डोमेन बाय करें तो आप टॉप लेवल डोमेन ही बाय करें जैसे .com .in .net .org आदि। आप .tk .ooo .xyz .ml आदि डोमेन का उपयोग ना करें क्योंकि गूगल की नजर में इनकी कोई भी अहमियत नहीं है और आप किसी भी तरह के subdomain का भी उपयोग ना करें चाहे वह ब्लॉगर का हो या WordPress का।

अब बात आती है होस्टिंग की आप जो भी होस्टिंग बाय करें आप सबसे पहले यूट्यूब पर उसका रिव्यु जरूर देख लें। यदि आप उसकी सारी जानकारी प्राप्त कर लेंगे तो आपको आगे चलकर कोई भी दिक्कत नहीं होगी। 

2. Blog को अच्छी तरह से डिज़ाइन करें 

आप ब्लॉग को अच्छी तरह से डिजाइन करें और अपने ब्लॉग को यूजर फ्रेंडली बनाएं। आप अपने ब्लॉग को अच्छी तरह से डिजाइन करने के लिए किसी Web Devloper की भी मदद ले सकते हैं लेकिन वह आपसे अच्छे खासे पैसे चार्ज करेगा। 

आप अपने ब्लॉग अच्छी तरह से डिजाइन करने के लिए प्रीमियम थीम का इस्तेमाल करें। 

आप थीमफॉरेस्ट से बहुत ही अच्छी थीम डाउनलोड कर सकते हैं और इसे अपने ब्लॉग में लगा सकते हैं। या आप वर्डप्रेस के स्टोर पर ही उपलब्ध फ्री थीम का उपयोग कर सकते हैं। 

यदि आप ब्लॉगर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप Gooyabi से फ्री टेम्पलेट डाउनलोड कर सकते हैं। 

3. मूल्यवान कंटेंट लिखें

आप अपने ब्लॉग पर मूल्यवान कंटेंट लिखें। आप SEO फ्रेंडली ब्लॉग पोस्ट लिखें। आप हर पोस्ट में कम से कम 2000 वर्ड्स का होना चाहिए। आप अपने कंटेंट को अच्छी तरह से लिखें। 

आप कंटेंट को किसी अन्य साइट से कॉपी न करें। इसके अलावा आप इमेजेज भी किसी साइट से कॉपी न करें। आप इमेजेज को कॉपीराइट फ्री लाइसेंस साइट से डाउनलोड करके इस्तेमाल करें। 

4. SEO करें 

अब आपको जरूरत है कि आप ब्लॉग का SEO करें और अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लाएं। यदि आप SEO के बारे में बिलकुल भी नहीं जानते हैं तो आप इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ें।

 SEO का उपयोग करके आप अपने ब्लॉग पर सर्च इंजन द्वारा ट्रैफिक ला सकते है। SEO का मतलब होता है कि अपने ब्लॉग पोस्ट को Google में रैंक कराना। SEO सीखना ब्लॉगिंग के लिए सबसे जरूरी है। 

Blogging से पैसे कमाने के तरीके 

अब आपका ब्लॉग तैयार है और अब आपके ब्लॉग पर अच्छा खासा ट्रैफिक आने लगा है तो आप अब Blogging से पैसे कमाने की शुरुआत कर सकते है। तो यह है वह तरीके जिससे आप blogging से पैसे कमा सकते है। यह तरीके बहुत ही फेमस और जेनुअन है। 

1. Google Adsense से पैसे कमाएं 

Google Adsense गूगल का एक प्रोडक्ट है जो कि यूट्यूब और वेबसाइट पर विज्ञापन दिखाने का कार्य करता है। Google Adsense ब्लॉगिंग से पैसे कमाने का सबसे आसान और फेमस तरीका है। आपको बस Adsense से विज्ञापन लेकर अपनी साइट पर दिखाना होता है। 

Adsense आपको एक html कोड देता है जिसको आपको अपने ब्लॉग पर आर्टिकल्स में लगाना होता है। और विज्ञापन पर आने वाले हर इम्प्रैशन पर आपको थोड़ा रेवेन्यू मिलेगा। 

लेकिन Adsense की Ads को अपने ब्लॉग पर दिखाने के लिए आपको Adsense का अप्रूवल लेना होता है। Adsense का अप्रूवल लेने के लिए आप अपने ब्लॉग को इस तरह डिज़ाइन करें। 

  • अपने ब्लॉग पर कम से कम 20 पोस्ट लिखें जिसमें कि हम पोस्ट में कम से कम 2000 वर्ड्स की हो 
  • आप अपने ब्लॉग का यूजर इंटरफेस अच्छा रखें और ब्लॉग अच्छी तरह से डिज़ाइन करें 
  • आप अपने ब्लॉग पर About us, Contect us, Privacy Policy और Disclaimer पेज बनायें
  • आप अपने ब्लॉग का फेसबुक और ट्विटर अकाउंट बनाएँ 
  • आपका ब्लॉग कम से कम एक महीने पुराना हो 
  • आप ब्लॉग के लिए आर्टिकल और इमेजेज किसी अन्य ब्लॉग या साइट  से कॉपी न करें 
  • आपका ब्लॉग Google Search Console और Google Analytics से कनेक्ट हो
  • आपका ब्लॉग www के है तो वह non www से www redirect करता हो 
  • आपके ब्लॉग पर फेक ट्रैफिक न हो 
  • किसी अन्य एडवरटाइजिंग नेटवर्क का उपयोग न करें यदि कर रहे है तो Adsense के लिए अप्लाई करते वक्त विज्ञापन थोड़े समय के लिए हटा ले। 

यदि आप इन चीज़ों को फॉलो करेंगे तो आपको Adsense का अप्रूवल मिल जायेगा। 

यदि आपको Google Adsense का अप्रूवल नहीं मिलता है तो आप इन एडवरटाइजिंग नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते है। 
  1. Media.net 
  2. Infolinks 
  3. Sovrn 
  4. Revenue Hits
  5. PropellerAds

आप की पहली कोशिश होनी चाहिए कि आप ऐडसेंस अप्रूवल ले लेकिन यदि आपको ऐडसेंस का अप्रूवल नहीं ले पाते हैं तो media.net की ओर जाएं। 

media.net का अप्रूवल लेने के लिए आपको ऐडसेंस के की टिप्स को फॉलो करना होगा बस इसमें आपका कंटेंट इंग्लिश लैंग्वेज में हो और आपका ट्रैफिक USA, UK, कनाडा से हो। 

Adsense या कोई भी एडवरटाइजिंग नेटवर्क इन चीज़ों पर कार्य करता है 

1. CPC (Cost Per Click)

यदि आपकी ads पर कोई क्लिक करता है तो आपको मिलने वाला रेवेन्यू CPC कहलाता है। Adsense में आपको सबसे ज्यादा पैसे इसी चीज के मिलते हैं। 

2. CPM (Cost Per Mille)

Mille का मतलब होता है कि 1000 मतलब कि आपको 1000 व्यूज पर कितना पैसा मिलेगा CPM कहलाता है। 

3. CTR (Click through Rate)

CTR का मतलब है कि आपको आने 100 विज़िटर्स में से कितने आपकी ads पर क्लिक कर रहा है। इसका रेसिओ CTR कहलाता है। 

4. PAGE VIEWS

इसका मतलब है कि आपके ब्लॉग पर कितने व्यूज आये है। 

5. IMPRESSION

इसका मतलब है कि आपकी कितनी ads पर व्यूज आये हैं। 


2. Affiliate Marketing से पैसे कमाएं 


Blogging Se Paise Kaise Kamaye
Affiliate Marketing ब्लॉगिंग से पैसे कमाने के लिए सबसे से बेस्ट जरिया है। और आप इससे जितने पैसे कमा सकते है उतने किसी और तरीके से नहीं कमा सकते है। यह टॉपिक बहुत इम्पोर्टेन्ट है। 

इस लिए मैंने एक पोस्ट लिखी है  – Affiliate Marketing क्या है आप इसको पढ़कर Affiliate मार्केटिंग को आसानी से समझ सकते है। 

यदि आपको Affiliate Marketing आने लगी तो आप blogging से 10 गुना कमा सकते हैं। 

Affiliate Marketing में आपको अपने ब्लॉग पर किसी ऑनलाइन शॉपिंग साइट या सर्विस सेल करने वाली साइट के प्रोडक्ट को प्रमोट करना होता है और यदि आपके ब्लॉग पर आने वाला विज़िटर वह प्रोडक्ट या सर्विस खरीदता है तो आपको उस प्रोडक्ट की कीमत का दो से दस परसेंट कमीशन मिलेगा। 


आप यदि किसी प्रोडक्ट जो कि Amazon या अन्य शॉपिंग साइट पर उपलब्ध है उसकी Affiliate Marketing करना चाहते है तो आप Amazon Affiliate का इस्तेमाल करें। 


आप Product, Services या अन्य किसी भी चीज को टारगेट करके affiliate marketing कर सकते है। बस आपको उस प्रोडक्ट की buying लिंक की जगह पर  Affiliate Link लगनी होगी। 

Amazon Affiliate की सबसे अच्छी बात यह है कि Amazon शॉपिंग करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और भरोसेमन्द प्लेटफॉर्म है। लोगों को इससे शॉपिंग करने में यह डर नहीं है कि उनके साथ फ्रॉड हो जायेगा।

यहीं आप बिना फेमस प्लेटफॉर्म से Affiliate Marketing करेंगे तो लोग उससे शॉपिंग करने में हिचकिचाएंगे। उन्हें हमेशा ही फ्रॉड का डर बना रहेगा। 

यहीं कारण है कि यदि कोई Amazon की साइट पर चला गया तो वह प्रोडक्ट खरीद लेगा इसकी सम्भावना बहुत ज्यादा है। 

Amazon Affiliate की सबसे अच्छी बात यह भी है कि यदि कोई आपकी लिंक से प्रोडक्ट खरीदने के लिए Amazon पर जाए और वह कोई प्रोडक्ट न खरीदे लेकिन यदि वह लिंक पर क्लिक करने के 24 घंटे बाद भी उस प्रोडक्ट को खरीदे तो भी आपको कमीशन मिलेगा। 

Amazon Affiliate में यह जरूरी नहीं है कि कोई वहीँ प्रोडक्ट खरीदे जिसकी लिंक आपने दी है। यदि वह आपकी लिंक पर कम्यूनिकेट करके दुसरे प्रोडक्ट पर भी चला गया और उसे खरीद लिया तो आपको कमीशन मिलेगा। 

यदि आप यदि अच्छी तरह से Affiliate Marketing करना चाहते है तो आप किसी एक प्रोडक्ट के ऊपर ही ब्लॉग बना लें। इसको हम Micro Niche Blogging भी कहते है। 


इसमें आपका ब्लॉग गूगल में आसानी से रैंक करेगा और Affiliate Marketing में Adsense के मुकाबले बहुत ही अधिक कमाई होती है।

“Free Affiliate Marketing and SEO Course By Ankur Aggarwal”


3. Sponsored Post And Advertisement 

Sponsored Post का एक तरीके से Adsense से भी आसान तरीका होता है। Sponsored का मतलब होता है कि किसी के द्वारा आपको Sponsor करना। यदि आपका ब्लॉग google में रैंक करेगा तो आप इससे पैसे कमा सकते हैं। 

आपको इसमें कोई भी कम्पीनी खुद आपको कॉन्टेक्ट करेगी और अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करने को कहेगी। इसमें आप अपने ब्लॉग पर आने वाले ट्रैफिक के हिसाब से पैसे ले सकते है। 

आपको बस करना यह होगा कि कम्पनी आपको जो Banner Ad Code दे आपको उसे अपने ब्लॉग पर लगाना होगा। इसमें  ज्यादा पैसा नहीं मिलेगा। अब दूसरा तरीका है कि अपने ब्लॉग पर एक पूरी sponsored पोस्ट कर दें। 

आपसे जो भी Sponsored Post पोस्ट करान चाहेगा वह आपको खुद एक text का डॉक्यूमेंट देगा। आपको बस इस डॉक्यूमेंट से कंटेंट को लेकर अपने ब्लॉग पर पब्लिश करना होगा। 

आपको बस इतना ही करना है। आप इसी चीज के अच्छे खासे पैसे ले सकते है। आपको बिना मेहनत के अपने ब्लॉग के लिए पोस्ट मिल गयी और आपको इसका पैसा भी मिलेगा। 

अब आप कहेंगे कि आपको sponsored post कैसे मिलेंगी। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपका blog गूगल में रैंक करता हो और आपके ब्लॉग पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक हो। इसके अलावा साइट साइट कि एक वैल्यू भी हो। 

आप से जो भी sponsored post करने के लिए कहेगा वह आपको कम ही पैसे देगा इसलिए आप थोड़ा अमाउंट बढ़ा कर मांगे। वह आपसे email द्वारा संपर्क करेगा। इसलिए आप अपने ब्लॉग पर अपना email जरूर दे। 

4. Sell Services 

यदि आप blogging में एक्सपर्ट हो जाते है और blogging में दूसरों की मदद करना करना चाहते है तो आप इस मदद के बदले पैसे ले सकते है। 

आप किसी के लिए ब्लॉग या वेबसाइट बना सकते है, आप किसी के लिए ब्लॉग पोस्ट लिख सकते है, आप किसी की साइट का SEO कर सकते है या आप किसी को बैकलिंक दे सकते है। 

आप सर्विस के तौर पर यदि कोई आपसे बैकलिंक की माँग करता है तो अपने ब्लॉग से दुसरे ब्लॉग को बैकलिंक दे सकते हैं और आप अपने ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी के हिसाब से पैसे ले सकते हैं। 

5. अपने प्रोडक्ट बेंचें 

आप अपने ब्लॉग से ही अपने प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं। आप एफिलिएट मार्केटिंग में या स्पॉनशरशिप में पैसे लेकर किसी दुसरे की साइट या प्रोडक्ट प्रमोट करते थे। लेकिन यदि आपकी कोई दूसरी साइट भी है तो आप उसे अपनी इस साइट से प्रमोट  कर सकते है। उससे अपनी साइट को बैकलिंक दे सकते है। 

आप अपने Blogging से रेलेटेड कोर्स बना कर अपने ब्लॉग से उन्हें बेंच सकते हैं। यदि आपका ब्लॉग गूगल में रैंक करेगा तो लोग समझेंगे कि आप Blogging expert है और वह आपका कोर्स ले ही लेंगे। 

बैकलिंक क्या है 

बैकलिंक का मतलब होता है कि किसी साइट की लिंक किसी अन्य साइट पर होना। वैसे आज के वक्त में Backlink इतना मैटर नहीं करता है। 


आप किसी को Backlink दे सकते है और लोगों से इसके बदले पैसे ले सकते हैं। क्यूँकि बैकलिंक आज के वक्त में ज्यादा तो नहीं लेकिन SEO में थोड़ी अहमियत तो रखती है। 

आप कभी भी कमेंट बैकलिंक, वेब 2.0 बैकलिंक, डाइरेक्टरी सबमिशन के द्वारा बिलकुल भी बैकलिंक न बनाये। यदि आप अन्य तरीकों से बैकलिंक नहीं बना सकते हैं तो बैकलिंक न बनायें। यह तरीका google के पिछले अपडेट के पहले काम करता था। 

यदि आप अन्य तरीकों से बैकलिंक नहीं बना सकते हैं तो बैकलिंक न बनायें। आप केवल कंटेंट के दम पर ही रैंक करने की कोशिश करें। यदि आप इस तरह से बैकलिंक बनाते है तो आपकी साइट ऊपर की वजह नीचे जरूर चली जाएगी। 

आप इन सर्विसेस को Fiverr पर जाकर सेल कर सकते है। 

निष्कर्ष 

मुझे लगता है कि आपको आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा। Blogging एक बहुत ही करियर ऑप्शन है जिससे आप महीने के लाखों रूपए इन तरीकों का उपयोग करके कमा सकते है। यह चार तरीके बहुत ही अच्छे और आसान है। आपको सबसे जरूरी है कि आप Blogging में अपना 100 प्रतिशत दें। 

आप जब blogging शुरू करेंगे तो आपको तुरंत ही फायदा नहीं दिखेगा। आपको 3 से 6 महीने काम करने की जरूरत है। यदि आप अच्छे से काम करेंगे तो आपको इतने समय में रिजल्ट दिखने लगेगा। 

यदि आपको Blogging Se Paise Kaise Kamaye का जवाब मिल गया हो तो आप मुझे कमेंट में जरूर बताएं। और यदि आपको कुछ समझ में नहीं आता है तो आप मुझसे कमेंट में सवाल पूँछ सकते है। 

Best Of Luck

डॉक्टर कैसे बने – Doctor Kaise Bane

यदि आप जानना चाहते है कि डॉक्टर कैसे बने, Doctor Kaise Bane तो आपको जरूरत है कि आप इस पोस्ट को पूरी तरह से पढ़ें और Doctor बनने के लिए पूरी मेहनत करें। 

आज के वक्त में एक अच्छी जॉब करना दुनिआ के सारे लोगों का सपना होता है। क्योंकि दुनिया में सभी जगह पढ़े-लिखे और नौकरी करने वाले लोगों की बहुत इज्जत होती और उनका भी सम्मान किया जाता है। आज के बेरोजगारी के दौर में नौकरी पाना आसान नहीं है। जो लोग बहुत ही अधिक मेहनत करते हैं उनको भी नौकरी मिल पाती है। जो लोग बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे होते हैं उनको ही नौकरी मिल पाती है। यदि आप ऐसे में डॉक्टर बन जाते हैं तो आपको जितना सम्मान अन्य जॉब में नहीं मिलता उतना सम्मान डॉक्टर कि जॉब में मिल जाता है। डॉक्टर की जॉब करने वाले लोगों को दुनिया के सबसे बड़े लिखे लोगों में से एक माना जाता है। आज के वक्त में डॉक्टर बनना बिल्कुल भी आसान नहीं है क्योंकि डॉक्टरी की पढ़ाई मुश्किल तो है ही लेकिन आजकल मेडिकल कॉलेज बहुत ही अधिक पूछ लेते हैं। लेकिन यदि आप पर क्लास में अच्छे परसेंटेज बना लेते हैं तो आपको सरकार की तरफ से बहुत ही अधिक मदद मिलती है जिससे आपकी फीस का भार बहुत कम हो जाता है। 


डॉक्टर कैसे बने - Doctor Kaise Bane


डॉक्टर कैसे बने – Doctor Kaise Bane

डॉक्टर बनने के लिए आपको बचपन से ही पढ़ाई में बहुत ही अधिक इंटेलिजेंट होने की जरूरत है। जैसे कि आपको डॉक्टर बनने के लिए 10th पास करने के बाद बायोलॉजी सब्जेक्ट के साथ पढ़ाई करनी होगी और आपको 11वीं और 12वीं मैं 50% से अधिक अंक अर्जित करने होंगे 50% तो सिर्फ फॉर्मेलिटी है आजकल 80% वालो को भी डॉक्टर बनने का मौका नहीं मिल पाता है। 

इसके अलावा आपको इन चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है
  • आपको दसवीं कक्षा पास करने के बाद बायोलॉजी सब्जेक्ट के साथ 11वीं और 12वीं को पास करना होगा
  • आपको प्रत्येक विषय में 50% से अधिक अंक अर्जित करने होंगे
  • आपको बायो, फिजिक्स, केमिस्ट्री पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी
  • आपको आपकी इंग्लिश स्ट्रांग करनी होगी क्योंकि डॉक्टर बनने के लिए इंग्लिश का भी बहुत ही अधिक रोल है। 
यह शुरुआती चीजें थी जिनको आपको अपने स्कूल के दिनों में ध्यान रखने की जरूरत है। यदि आप इनका ध्यान रखेंगे तो आपके डॉक्टर बनने की राह बहुत ही आसान हो जाएगी। 

यदि आप ब्लॉगिंग सीखना चाहते है तो आप इन पोस्टो को जरूर रीड करें 




एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें

आपको आपकी पढ़ाई के दौरान ही एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी शुरू कर देनी होगी। क्योंकि बारहवीं कक्षा के बाद एंट्रेंस एग्जाम पर ही आपके एडमिशन किसी मेडिकल कॉलेज में होगा। 

एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी प्रकार करें
  • बारहवीं कक्षा में आप कम से कम 50% अंक अर्जित करें
  • आप गयरहवीं बारहवीं कक्षा में जो भी पढ़ें उसे याद रखें क्योंकि एड्रेस एग्जाम में उसी प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे
  • एंट्रेंस एग्जाम की कोचिंग करें इससे आपको बहुत ही अधिक मदद मिलेगी

मेडिसन एंट्रेंस एग्जाम की लिस्ट

  • Neet PG 
  • Neet UG 
  • AIIMS MBBS 
  • AIIMS PG
आप एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करके अलग अलग डॉक्टरी कोर्स कर सकते हैं। आप नीट एग्जाम क्लियर करके एमबीबीएस कोर्स कर सकते हैं

NEET Exam क्लियर करें 

बारहवीं कक्षा अच्छे अंको से पास कर लेने के बाद आपको जरूरत है कि आप NEET का एग्जाम भी क्लियर करें। NEET पूरा नाम होता है नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (National Eligibility Entrance Test) यदि आप किसी भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं तो यह आपके लिए अनिवार्य है। 

NEET Exam के लिए जरूरी बाते 

NEET एग्जाम देने के लिए आपके पास है निम्नलिखित क्वालिफिकेशन होनी चाहिए
  • आप को न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं कक्षा को पास करना होगा
  • आपको 12वीं कक्षा बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री सब्जेक्ट के साथ पास करनी होगी
  • NEET का एग्जाम देने के लिए आप की न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। 
  • आपके पास कोई भी राष्ट्रीय स्तर का पहचान पत्र यानी कि आधार कार्ड होना अति आवश्यक है जिससे आपकी पहचान हो सके। 

NEET Exam के लिए आवेदन कैसे करें

यह प्रक्रिया बहुत ही आसान है आप इसे NEET की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी कर सकते हैं या आप किसी भी दुकान पर जाकर जो कि एग्जाम के फॉर्म भरता है उससे संपर्क कर सकते हैं। वह आपको सारी जानकारी दे देगा और आप आपका फॉर्म भी भर देगा। आपको उसको थोड़ी फीस देनी होगी और डाक्यूमेंट्स देने होंगे। 

NEET के अलावा बहुत सारे एंट्रेंस एग्जाम है जिनको देखकर आप अलग-अलग डॉक्टरी के कोर्स कर सकते हैं। 


नीट एंट्रेंस एग्जाम दिया करने के बाद आप एमबीबीएस कोर्स कर सकते हैं


“घर बैठे Online paise kaise kamaye – 7 आसान तरीके”


मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लें 

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए किसी भी को चुन सकते हैं

MBBS क्या है 

MBBS मास्टर डिग्री भी कहलाती है यदि आप MBBS करते हैं तो आपको डॉक्टर की उपाधि मिल जाती है।MBBS का पूरा नाम बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी होता है। चिकित्सा के क्षेत्र में सबसे बड़ा कोर्स है। एमबीबीएस का कोर्स 4 वर्ष 6 महीने का होता है साथ में आपको इसमें 1 वर्ष की इंटरशिप भी करनी होती है। 

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कैसे ले

एंट्रेंस एग्जाम में आए मार्क्स के हिसाब से आपका सिलेक्शन किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में हो जाएगा यह तो मैंने बता ही दिया है कि एमबीबीएस कोर्स कितने वक्त का होता है। आप एमबीबीएस प्राइवेट कॉलेज या सरकारी कॉलेज से कर सकते हैं यह डिपेंड करता है कि आपके पास कितना पैसा है। 

मेडिकल कॉलेज के साथ इंटरशिप करें

पढ़ाई करने के बाद आपको 1 साल के लिए इंटरशिप करना जरूरी है इसके बाद ही आप MBBS डॉक्टर बन सकते हैं इसके बाद अगर आप किसी अन्य चीज में स्पेशलिस्ट बनना चाहते हैं तो आप पहले पढ़ाई के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। 

डॉक्टर बनने की प्रोसेस – संक्षिप्त में 

आपको बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना लेकर चलना होगा। आपको आपकी पढ़ाई पूरे मन लगाकर करनी होगी। जब आप दसवीं कक्षा पास करें तो आप बायोलॉजी सब्जेक्ट का चुनाव करें। इसके बाद आप 11वीं और 12वीं कक्षा को अच्छी तरह से पढ़े और जो भी पड़े उसे इस तरह से याद करें कि आप कभी भूले नहीं क्योंकि यह आपके लिए बहुत जरूरी है। आप फिजिक्स केमिस्ट्री और बायो पर सबसे अधिक ध्यान दें। इसके अलावा आपको आपकी इंग्लिश भी बहुत ही स्ट्रांग करनी होगी। आपको बारहवीं कक्षा में प्रत्येक सब्जेक्ट में कम से कम 50% अंक प्राप्त करने होंगे। आपको बारहवीं कक्षा के साथ-साथ एंट्रेंस एग्जाम की भी तैयारी करनी होगी। 12वीं कक्षा से पहले भी एंट्रेंस एग्जाम दे सकते हैं। आप डॉक्टर बनने के लिए MBBS, BMS, BHMS, BSc nursing कर सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए आपको NEET का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करना अनिवार्य है। एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर ही आपको मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलेगा। आप सरकारी या प्राइवेट कॉलेज से इन कोर्स को कर सकते हैं। नीट का एग्जाम देने के लिए आप की उम्र 17 से 25 वर्ष होना अनिवार्य है। MBBS 4 वर्ष 6 महीने का कोर्स होता है इसके बाद आपको कम से कम 1 साल के लिए इंटरशिप करनी होगी। एमबीबीएस का पूरा कोर्स हो जाने के बाद आपको मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा MBBS की डिग्री प्रदान की जाएगी इसके बाद आप एक डाक्टर है और आप किसी अच्छे हॉस्पिटल में डॉक्टर के रूप में नौकरी कर सकते हैं। 

डॉक्टर बनने के लिए मेरी टिप्स 

  • आपका लक्ष्य बचपन से ही डॉक्टर बनना होना चाहिए
  • आप एड्रेस एग्जाम की तैयारी 11वीं और 12वीं में ही शुरू कर दें क्योंकि 11वीं और 12वीं का सिलेबस ही आपसे पूछा जाएगा
  • आप एड्रेस एग्जाम की कोचिंग करें
  • बारहवीं कक्षा में बहुत अच्छे अंक प्राप्त करें 
  • किसी अच्छे कॉलेज से डॉक्टरी कोर्स करें। 


निष्कर्ष

आपने पूछा था कि डॉक्टर कैसे बने – Doctor Kaise Bane मैंने आपको डॉक्टर बनने की सारी जानकारी दे दी है। आज के वक्त में डॉक्टर बनना आसान नहीं है इसके लिए आपको बहुत ही कड़ी मेहनत करनी होगी।यदि आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आप दी गई जानकारी को अच्छी तरह से फॉलो करें।  आप यदि मेहनत करेंगे तो आपको डॉक्टर बनने से कोई भी नहीं रोक सकता है। 

यदि आप ऑनलाइन पैसे कमाना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए मददगार होंगी 


इसके अलावा आपके मन में कोई भी सवाल है या आप मुझसे कोई अन्य जानकारी लेना चाहते हैं तो आप मुझसे कमेंट के द्वारा सवाल कर सकते हैं मैं आपके सवाल का जवाब जरूर दूंगा। 


धन्यवाद

Affiliate Marketing क्या है – What is Affiliate Marketing in Hindi?

Affiliate Marketing क्या है, What is Affiliate Marketing in HindiAffiliate Marketing से पैसे कैसे कमाए आदि आम सवाल है। यह इसलिए आम नहीं है क्यूंकि इसका टॉपिक आम है बल्कि यह कॉमनली लोगों द्वारा पूंछा जाता है। यह एक बहुत ही अच्छा और काम का टॉपिक है क्यूँकि यह शायद आपकी जिंदगी भी बदल सकता है। यहाँ पर एफिलिएट मार्केटिंग का जब भी जिक्र आता है तो लोग सोचते हैं की एफिलिएट मार्केटिंग सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों से ही की जा सकती है नहीं यह लोगों की गलत फेहमी है एफिलिएट मार्केटिंग का जाल बहुत ही बड़ा है यह ऑनलाइन शॉपिंग में होती है, यह सर्विस खरीदने में होती है, यह किसी एप्लीकेशन का साइट को रेफर करने में होती है। मतलब कि दुनिआ की कोई भी ऑनलाइन खरीददारी या जहाँ पैसो के लेन-देन की बात आती है वहां एफिलिएट मार्केटिंग होती है। यदि आप किसी के रेफर कोड से कोई चीज ख़रीदेंगे तो उसको फायदा होगा, यदि आप किसी की रेफरल लिंक से एप्लीकेशन डाउनलोड करेंगे तो उसको फायदा होगा। यदि आप ऑनलाइन होटल या फ्लाइट किसी की रेफरल लिंक से बुक करेंगे तो भी उस व्यक्ति को फायदा होगा। 

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आप यदि साइट बनाने के लिए  डोमेन और होस्टिंग किसी के लिंक से खरीदेंगे तो भी उसको फायदा होगा जिसके द्वारा आपको एफिलिएट लिंक प्रोवाइड की गयी है। और उसके द्वारा की जाने वाली इसी मार्केटिंग को एफिलिएट मार्केटिंग कहते हैं। 

Affiliate Marketing क्या है

मैं आपको एफिलिएट मार्केटिंग को समझाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग की चीजों की एफिलिएट मार्केटिंग का सहारा लूँगा। इसमें Amazon Affiliate का नाम सबसे बड़ा है इसके लिए हम अमेज़न एफिलिएट को ही टारगेट करेंगे। आप Flipkart Affiliate, Myntra Affiliate का उपयोग कर सकते हैं। 

Affiliate Marketing क्या है

Affiliate Marketing का मतलब होता है किसी भी चीज का प्रमोशन और हर खरीद पर आपको कमीशन। मतलब की आपको लोगों के साथ किसी चीज की Affiliate Marketing करनी होगी और यदि किसी के द्वारा वह चीज खरीदी जाती है तो आपको उस चीज की कीमत कर कुछ प्रतिशत कमिशन मिलेगा। Affiliate Marketing में मुख्य रूप से तीन लोग शामिल होते है 
  1. Affiliate Marketplac – पहला वह कम्पनी जिसके प्रोडक्ट की एफिलिएट मार्केटिंग होनी है (उदाहरण के लिए Amazon), 
  2. Affiliates – दूसरा जो की Affiliate Marketing कर रहा है यानि कंपनी के प्रोडक्ट को प्रमोट कर रहा है (यानि कि आप) और 
  3. तीसरा जो उस प्रोडक्ट को खरीदेगा (मतलब कोई भी)
जैसे जैसे ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है और लोग किसी भी तरह की लेन देन करना ऑनलाइन पसंद करने लगे है तबसे Affiliate Marketing का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। एफिलिएट मार्केटिंग ऑनलाइन पैसे कमाने का एक अच्छा तरीका बन गया है। आज के वक्त में बहुत से तरीके है जिससे आप ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं। एफिलिएट मार्केटिंग से आप बिना कोई लिमिट के पैसे काम सकते है। 


Affiliate Marketing कैसे काम करती है 

Affiliate Marketing का काम करने का जो तरीका है वह बहुत आसान है और यह आपको आसानी से समझ में भी आ जायेगा। Affiliate Marketing में आपको सबसे पहले किसी मर्चेंट का एफिलिएट बनना होगा और किसी प्रोडक्ट को प्रमोशन के लिए चुनना होगा। आपको अपने प्रोडक्ट को अपनी साइट, ब्लॉग, यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, ट्विटर अकाउंट, फोरम साइट्स आदि पर प्रमोट करना होगा। प्रमोशन  के बाद यदि कोई भी उस प्रोडक्ट को आपकी एफिलिएट लिंक के द्वारा खरीदेगा तो आपको आप एक तय कमीशन दिया जायेगा। 

उदाहरण के लिए ब्लॉग पर आपको सबसे पहले उस प्रोडक्ट से रेलेटेड एक पोस्ट लिखनी होगी। पोस्ट लिखने के बाद आप उसमें बहुत सी buying link लगानी होगी। यह आपके द्वारा बनायी गयी affiliate links होंगी। जब भी कोई विजिटर उस प्रोडक्ट की जानकारी लेने के लिए आपकी साइट पर आएगा और यदि उसे प्रोडक्ट अच्छा लगेगा तो वह उस प्रोडक्ट को buy करना चाहेगा। इसके लिए  वह आपकी लिंक पर क्लिक करेगा और जब वह उस प्रोडक्ट को खरीद लेगा और पेमेंट कर देगा तो आपको आपका कमीशन मिल जायेगा। 

मुख्यता Affiliate System इन नियमों पर कार्य करते हैं –
  1. सी.पी.एम. (CPM) यानि Cost Per Mille – प्रति 1000 impressions यानि की views पर Affiliate को मिला मुनाफा,
  2. सी.पी.एस. (CPS) यानि Cost Per Sale – प्रति सेल पर Affiliate को मिला मुनाफा, और 
  3. सी.पी.सी.  (CPC) यानि Cost Per Click – प्रति क्लिक पर Affiliate को हुआ मुनाफा। 

Affiliate Marketing कहाँ से करते है

Affiliate Marketing करने के बहुत से तरीके है लेकिन यहाँ पर बात आती है कन्वर्ज़न रेट की। मतलब कितने लोगों ने आपकी लिंक देखी या लिंक पर क्लिक किया और उनमें से कितने लोगों ने प्रोडक्ट खरीदा। इनमें अब हमारे पास तीन सबसे बढियाँ तरीके बचते हैं जो की है Blog, Youtube Channel और Facebook Page यानी सोशल मीडिया। यहाँ पर आपको ब्लॉग पर कन्वर्शन रेट ज्यादा देखने को मिलेगा।

1. ब्लॉग से 

ब्लॉग एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए सबसे सही है। पहले आपको किसी प्रोडक्ट रेलेटेड एक Blog यानि की वेबसाइट बनानी होगी और इस पर उस तरह के प्रोडक्ट रेलेटेड पोस्ट करनी होगी। इन पोस्टों में आपको प्रोडक्ट रिव्यु, प्रोडक्ट डीटेल, प्रोडक्ट ओवरव्यू आदि को लिखना होगा। अब आपको अपने ब्लॉग का SEO (SEO करने के तरीके) करके अपने ब्लॉग पर ट्रैफ़िक लाना होगा। जैसा कि आपने पहले ही अपने प्रोडक्ट की buying link में अपने मर्चेंट की एफिलिएट लिंक लगा दी होगी। यदि अब कोई उस प्रोडक्ट को आपकी लिंक से बुय करेगा तो आपको पैसा मिलेगा। 


2. Youtube Channel से 

यूट्यूब में भी ब्लॉग की तरह ही है। इसमें आपको सबसे पहले एक केटेगरी चुननी होगी। उदाहरण के लिए फैशन को चुनते हैं जहाँ पर आप फैशन की जानकारी देते है लोगों को कोई भी फैशन से रेलेटेड आइटम जैसे शूज़, जैकेट, शर्ट, पेंट आदि के बारे में बताते है तो आप सबसे पहले किसी प्रोडक्ट जैसे शूज़ के ऊपर वीडियो बनानी है जैसे कि Best Shoose for Men और आप उस प्रोडक्ट की एफिलिएट लिंक को वीडियो के डिस्क्रिप्शन में देना होगा। बस आपका काम हो गया है। यदि आप नहीं जानते हैं की यूट्यूब चैनल कैसे बनाते है, Youtube से पैसे कैसे कमाते है तो आप इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें : YouTube se paise Kaise kamaye 

3. फेसबुक पेज से 

यहाँ पर अब दो तरीके है आप कहें तो फेसबुक पेज पर डायरेक्ट प्रोडक्ट की एफिलिएट लिंक शेयर कर सकते है या आप अपने ब्लॉग और यूट्यूब चैनल को इसकी सहायता से प्रमोट कर सकते है। हालाँकि Facebook Page द्वारा कन्वर्शन बहुत ही कम होता है। आप अन्य तरीको की तरह ही फेसबुक पेज पर प्रोडक्ट रेलेटेड ऑडियंस बिल्ड करें और अपना काम शुरू कर दें। 



Affliate Marketing कैसे करें 

आपने यह जान लिया है कि एफिलिएट मार्केटिंग किन-किन प्लेटफार्म और किन-किन तरीकों से की जाती है और अब यह जानना जरूरी है कि आप किस तरह से एफिलिएट मार्केटिंग की शरुआत कर सकते हैं। 

Affiliate Program को चुने 

आज के वक्त में आपको बहुत सारे एफिलिएट प्रोग्राम देखने को मिल जाएंगे जिनका उपयोग करके आप सारी कंपनी के प्रोडक्ट की Affiliate मार्केटिंग कर सकते हैं। आप इन प्रोग्राम्स को ज्वाइन करके किसी मर्चेंट के एफिलिएट बन सकते हैं। 

यह दुनिया के कुछ सबसे फेमस एफिलिएट प्रोग्राम है 
लेकिन आप सिर्फ Amazon के प्रोडक्ट की एफिलिएट मार्केटिंग करना चाहते हो आप अमेजॉन का अपना एफिलिएट प्रोग्राम ज्वाइन कर सकते हैं। 

Affiliate Program ज्वाइन करें 

आपको जो एफिलिएट प्रोग्राम अच्छा लगे आप उसे ज्वाइन कर ले। मेरी सलाह रहेगी कि आप अमेजॉन एफिलिएट को ही ज्वाइन करें। आपको इसमें अपने अकाउंट बनाना होगा। आपको अकाउंट बनाने के लिए इसमें सारी डिटेल सही-सही भरनी होगी। यह आपसे आपका नाम, आपका फोन नंबर, आपकी साइट या यूट्यूब चैनल का नाम आदि मांगेगा। आप इसे सही-सही भर कर अपना अकाउंट बना ले। इसके बाद Affiliate प्रोग्राम आपसे पेमेंट डिटेल भी मांगेगा। आप इसे बनने में कोई भी गलती ना करें। यदि आप इसे भरते समय गलती कर देंगे तो आपकी पेमेंट आने में दिक्कत हो सकती है। 

प्रोडक्ट चुने और उसकी एफिलिएट लिंक बनाएं

इसके बाद आपको किसी प्रोडक्ट को चुनना होगा जिसकी आपको एफिलिएट मार्केटिंग करनी है। प्रोडक्ट को चुन लेने के बाद आपको आपके अकाउंट से इसकी अप्लीगेट लिंक बनानी होंगी। आप एफिलिएट लिंक बना सकते हैं आप बैनर भी बना सकते हैं। 

Affiliate लिंक प्रमोट करें

अब आपने Affiliate मार्केटिंग करने के लिए जो भी तरीका चुना हो आपको उसकी सहायता से Affiliate लिंक को प्रमोट करना होगा। आपने जो भी एफिलिएट लिंक बनाई हो आपको उसे अपने ब्लॉग यूट्यूब सोशल अकाउंट आदि पर शेयर करना होगा। 

Affiliate Marketing करने के लिए टिप्स 

एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए कुछ तरीके आदि होते हैं जिनको आप को फॉलो करना होता है। यदि आप इनको फॉलो करेंगे तो आप एफिलिएट मार्केटिंग में बहुत ही आसानी से सफल हो जाएंगे। 
  • आपकी ऑडियंस को जो भी चीज पसंद हो आप उसकी ही एफिलिएट मार्केटिंग करें
  • हो सके तो एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए ब्लॉग ही बनाए
  • एफिलिएट मार्केटिंग कुछ इस तरह से करें कि आपको कन्वर्जन रेट बहुत ही अधिक मिले 
  • आप लोगो को ऐंसी साइट की लिंक दें जो कि भरोसेमंद हो जैसे कि यदि आप लोगों को अमेजॉन की लिंक देंगे तो वह बहुत ही भरोसेमंद है। 


निष्कर्ष

तो जैसा कि मैंने आपको बताया है कि कि आप ऐसे मार्केटिंग कर के बहुत सारे पैसे कमा सकते हैं बस आपको जरूरत है कि आप बिना रुके मेहनत करते रहें। आप जितनी अधिक मेहनत करेंगे आपके सफल होने के चांस उतने ही बढ़ जाएंगे। 

Computer ke Parts – कंप्यूटर के पार्ट्स के नाम और सारी जानकारी

कंप्यूटर चलाना सीखने के लिए Computer ke Parts की जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। यह हमारी कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज है। 

आज के वक्त में कंप्यूटर एक आम बात हैं। आजकल लोगों के पास कंप्यूटर होना अचरज की बात नहीं है। आज कंप्यूटर की फील्ड में लोगों के पास बहुत ही बड़ा करियर ऑप्शन हैं। इसके कारण से कंप्यूटर का चलन  बढ़ गया है। इसके अलावा हम कंप्यूटर पर दुनिया भर के काम कर सकते हैं जैसे कि गेम खेल सकते हैं, लोगों से बात कर सकते हैं, इंटरनेट से जानकारी ले सकते हैं, फ़िल्में देख सकते हैं। 


आज कंप्यूटर की जगह मोबाइल और लैपटॉप ने ले ली है। लेकिन यह भी कंप्यूटर डिवाइस ही हैं। कंप्यूटर से ही इनका अस्तित्व है। 


“बैकलिंक क्या है और बैकलिंक कैसे बनाते हैं?”

कंप्यूटर दो प्रकार का होता है 

  1. लैपटॉप 
  2. डेस्कटॉप 
लैपटॉप कंप्यूटर का एक छोटा और कम क्षमता वाला रूप है। इसमें कंप्यूटर के सारे पार्ट्स इसके अंदर होते हैं जिससे इसे समझना मुश्किल हो जायेगा। इसलिए हम यहाँ डेस्कटॉप को लेकर उसे समझने की कोशिश करेंगे। दोनों में आकार के अलावा कोई भी अंतर नहीं है। बस लैपटॉप छोटा और कम क्षमता का होता है। 



Computer ke Parts – कंप्यूटर के पार्ट्स



Computer ke Parts - कंप्यूटर के पार्ट्स के नाम और सारी जानकारी

इस पोस्ट में मैं आपको कंप्यूटर के विषय में सारी जानकारी दूंगा और इसके साथ में उसके सारे पार्ट्स की जानकारी दूंगा जोकि आपको कंप्यूटर समझने में बहुत ही मदद करेंगे। 


इससे पहले कंप्यूटर के बारे में थोड़ी अन्य जानकारी जरूरी है। 

कंप्यूटर क्या है?

कंप्यूटर एक मशीन होती है जो कि हमारे निर्देशों के अनुसार कार्य करती है। यह मुख्य रूप से कैलकुलेशन या प्रोग्रामेबल मशीन है। कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन चीजों पर चलता है पहला इनपुट, दूसरा प्रोसेसिंग, और तीसरा आउटपुट। 
  1. इनपुट – हम कंप्यूटर को जो काम करने का आदेश देते हैं
  2. प्रोसेसिंग – कंप्यूटर द्वारा उस आदेश को पूरा करने की प्रोसेस
  3. आउटपुट – आदेश की प्रोसेस के बाद कंप्यूटर में जो रिजल्ट दिखाता है। 
कंप्यूटर का पूरा नाम यह है
  • C – Common 
  • O – Operating 
  • M – Machine 
  • P – Particularly 
  • U – Used for
  • T – Trade and
  • E – Education 
  • R – Research


कंप्यूटर के पार्ट्स

कंप्यूटर की सारी जानकारी ले लेने के बाद अब हम अपने मुख्य मुद्दे पर आते हैं कि कंप्यूटर के पार्ट क्या है कौन-कौन से हैं और उनके कार्य क्या है। तो आप इस पोस्ट को आगे पढ़िए। 
  • मॉनीटर 
  • सीपीयू केस 
  • कीबोर्ड एंड माउस 
  • यूपीएस 

मॉनीटर 

मॉनीटर कंप्यूटर का दूसरा सबसे मुख्य पार्ट होता है। इसमें हम कंप्यूटर द्वारा दिए गए आउटपुट को देख सकते हैं। 

सीपीयू केस 

सीपीयू केस ऐसा हो होता है जिसमें हम कंप्यूटर के मुख्य पार्ट को सुरक्षित रखते हैं। 

कीबोर्ड एंड माउस 

कीबोर्ड और माउस के द्वारा हम कंप्यूटर को इनपुट देने का कार्य करते हैं। 

यूपीएस 

यूपीएस एक छोटा इनवर्टर होता है जो कि बिजली जाने के बाद कंप्यूटर को 10 से 15 मिनट चलाकर रखता है जिससे हम उसे वक्त रहते शटडाउन कर दें। 

यह कंप्यूटर के वह पार्ट्स थे जो कि आप बाहर से देख सकते हैं और आप जिनके बारे में जानते होंगे। लेकिन हम मुख्य रूप से उनकी बात करने वाले हैं जो कि आप बाहरी रूप से नहीं देख पाते हैं जो कि सीपीयू केस के अंदर होते हैं और जो कंप्यूटर के मुख्य पार्ट होते हैं।

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सीपीयू के अंदर उपस्थित पार्ट

यह कंप्यूटर कब है भाग होता है जो कि इनपुट लेने का कार्य करता है और उसे प्रोसेस करने का यह कंप्यूटर का। यह सबसे मुख्य भाग होता है यह कई हिस्सों से मिलकर बना होता है क्योंकि मुख्य रूप से कंप्यूटर निर्माण का कार्य करते हैं। 

मदरबोर्ड

सीपीयू का मुख्य पार्ट होता है। यह सीपीयू की रीढ़ की हड्डी होती है। जैसे रीढ़ की हड्डी पूरे शरीर को आकार देती है। उसी प्रकार है यह सीपीयू को आकार देता ही है। इसके द्वारा ही सीपीयू के सारे पार्ट्स आपस में जुड़े होते हैं और एक साथ काम कर पाते हैं। 

पावर सप्लाई 

इसके द्वारा ही हम मदरबोर्ड को पावर देने का कार्य करते हैं। यह को 450 बोल्ट 550 बोल्ट आदि वेरिएंट में मिल जाएंगे। इसको आपको मदरबोर्ड से जोड़ना होगा। पावर सप्लाई पर कंप्यूटर के परफॉर्मेंस बहुत ही अधिक डिपेंड करती है क्योंकि इतनी अधिक पावर कंपोनेंट्स को मिलेगी पर उतना ही अच्छा परफॉर्म कर पाएंगे। 

प्रोसेसर 

यह कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जा सकता है क्योंकि सारी प्रोसेस इसी के द्वारा ही होती हैं। इसका काम पूरे कंप्यूटर में सबसे महत्वपूर्ण होता है। आज के वक्त में प्रोसेसर बहुत ही शक्तिशाली और एडवांस हो चुके हैं जो कि ट्रिलियंस कैलकुलेशन एक समय में कर सकते हैं। आजकल प्रोसेसर के कोर बढ़ाकर प्रोसेसर की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। आपको आज के वक्त में डूबल कोर, क्वॉड कोर, सिक्स कोर, ऑक्टा कोर आदि प्रोसेसर देखने को मिल जाएंगे। 

RAM 

RAM का पूरा नाम रेंडम एक्सेस मेमोरी है। कंप्यूटर की मेमोरी होती है जो कि प्रोसेसर से प्रोसेस जानकारी को  स्टोर करके रखती है और हमें जरूरत पड़ने पर तुरंत लाकर देती है। यह आपको 2gb, 4gb, 6GB, 12gb, 16GB, 18GB, 32GB आदि वेरिएंट में देखने को मिल जाएंगे। जब हम गेम खेल रहे होते हैं तो हमें उसे स्टोर करने के लिए मेमोरी की जरूरत पड़ती है। यही काम RAM करती है यह रियल टाइम में चल रहे सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन गेम को स्टोर करने का कार्य करती है। 

Storage 

यह हमारे कंप्यूटर में उपस्थित डाटा को सेव करने का कार्य करती है। इसी जगह पर हमारे कंप्यूटर में उपस्थित फाइलें गेम्स वीडियोस आदि स्टोर होते हैं और जरूरत पड़ने पर कंप्यूटर हमें यही से डाटा प्रोवाइड करता है आज के वक्त में दो प्रकार की स्टोरेज उपलब्ध है हार्ड डिस्क ड्राइव यानी की HDD और सॉलि़ड स्टेट ड्राइव यानि की SSD। HDD, SSD के मुकाबले अधिक स्टोरेज की क्षमता रखती है लेकिन यह SSD के मुकाबले बहुत ही अधिक स्लो होती है। SSD, HDD के मुकाबले कम स्टोरेज की क्षमता रखती है लेकिन HDD के मुकाबले बहुत ही फास्ट होती है (यदि दोनों कीमत समान है तो)। 

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निष्कर्ष 

तो यह थी कंप्यूटर से जुडी सारी जानकारी। मैंने आपको उन सभी पार्ट का नाम बता दिया है जो की कंप्यूटर के लिए सबसे जरूरी हैं। 

बैकलिंक क्या है और बैकलिंक कैसे बनाते हैं ?

क्या आप जानते हैं कि बैकलिंक क्या है और बैकलिंक कैसे बनाते हैं तो मैं आपको बैकलिंक के बारे में बताऊंगा। 

जब हम ब्लॉग या साइट बनाते है तो हमें उस साइट पर ट्रैफिक की जरूरत होती है और अपने ब्लॉग से ट्रैफिक लेन के लिए हम सर्च इंजंस का उपयोग करते हैं और किसी भी सर्च इंजन से ट्रैफिक लाने के लिए हमें SEO का सहारा लेना पड़ता है। यदि आप SEO के बारे में बिल्कुल भी नहीं जानते हैं तो आप हमारे ब्लॉग पर उपस्थित है पोस्ट जरूर पढ़ें : SEO kya hai और SEO करने की जारी जानकारी। गूगल के अपडेट के बाद अब बैकलिंक की उतनी अहमियत नहीं है। लेकिन यदि आप बैकलिंक उपयोग करते हैं तो इससे आपकी साइट को एक एडवांटेज मिलता है जो कि आपको दूसरी साइट से ऊपर रैंक करने में मदद करता है। 


बैकलिंक क्या है?


बैकलिंक क्या है?

बैकलिंक का उपयोग SEO के अंतर्गत होता है और यदि आपने मेरी ब्लॉग की पोस्ट पढ़ ली है तो आप जान गए होंगे कि SEO दो प्रकार के होते हैं 
  1. On Page SEO 
  2. Off Page SEO 
बैकलिंक बनाना Off Page SEO के अंतर्गत आती है। यदि आप बैकलिंक बनाते हैं तो आपकी साइट गूगल में जल्दी रैंक करती है और आपको बूस्ट मिलता है जिससे आपकी साइट की DA और PA भी बढ़ती है। इसके अलावा आपकी साइट पर थोड़ा बहुत ट्रैफिक भी आता है। 

अब तो आप जान ही गए होंगे बैकलिंक कितनी जरूरी है। लेकिन आप बैकलिंक के बिना भी रैंक कर सकते हैं लेकिन यदि आप की रैंकिंग बढ़ नहीं रही है तो आप बैकलिंक जरूर बनाएं। 

बैकलिंक के प्रकार 

यहाँ पर बैकलिंक दो प्रकार की होती हैं 

  1. Do follow Backlink 
  2. No follow Backlink 

आप लिंक को देखकर नहीं बता सकते हैं कि लिंक Do Follow है या No Follow आपको इसके लिए लिंक का html चेक करना पड़ता है। 

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Do follow Backlink 

Do follow बैकलिंक का स्ट्रेक्टर होता है – 

या 
<a href=”https://http://www.example.com/”>Example

यह जानने के लिए आप किसी वेबपेज पर जाएँ और Ctrl+U दबाएं इसके बाद एक नया टैब ओपन हो जायेगा। इसके बाद आप Ctrl+F प्रेस करें। इसे एक सर्च बार आएगा इसमें आप वह साइट या वेबपेज का Url सर्च करें जो कि लिंक पर क्लिक करने पर ओपन हो। इसके बाद जो लिंक मिले उसे इससे मिला कर देखें। यदि लिंक इसके जैसी है या इसमें dofollow लिखा हुआ है तो वह लिंक dofollow होगी। 

No follow Backlink

No follow बैकलिंक का स्ट्रेक्टर होता है – 


यह जानने के लिए आप ऊपर की प्रोसेस को करें। 

बैकलिंक के फायदे 

बैकलिंक का SEO में बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल था लेकिन गूगल के अपडेट के बाद बैकलिंक की उतनी अधिक अहमियत नहीं रही। यहां पर यह बात नहीं है कि बैकलिंक की अहमियत पूरी तरह से कम हो गई है। आज भी बैकलिंक का आपके SEO में बहुत ही अधिक रोल है। यदि आपका कॉन्टेंट ज्यादा अच्छा नहीं है या आपके कॉम्पिटिटर के जैसा ही है तो बैकलिंक आपको बूस्ट देने का काम करती है। यहां पर बैकलिंक ही बाय फैक्टा बनता है जिससे कि गूगल यह चुनता है कि किसे आगे रखें। यदि आपकी साइट रैंक नहीं हो रही है तो आप बैकलिंक को भी ट्राई करके देख सकते हैं। 

बैकलिंक कैसे बनाएं

यहां पर बैकलिंक्स बनाने के दो सबसे प्रचलित तरीके हैं इससे आप Dofollow बैकलिंक्स बना सकते हैं। 
  1. गेस्ट पोस्ट
  2. पोस्ट कमेंटिंग

गेस्ट पोस्ट

इसमें आपको किसी अन्य वेबसाइट या उसके मालिक से संपर्क करना पड़ता है और उससे एक गेस्ट पोस्ट करने की इजाजत मांगनी पड़ती है। यदि आपको गेस्ट पोस्ट करने की इजाजत मिल जाय तो आपको सबसे पहले एक पोस्ट लिखनी होगी और आपको इस पोस्ट में अपनी साइट या अपने पोस्ट का यूआरएल Do Follow बैकलिंक के रूप में लगा देना होगा और यह पोस्ट वेबसाइट के मालिक को पब्लिश करने के लिए दे देनी होगी। यदि वह इस पोस्ट को अपने ब्लॉग या वेबसाइट पब्लिश कर दे तो आपको DO फॉलो बैकलिंक मिल जाएगी।

पोस्ट कमेंटिंग

यह गेस्ट पोस्ट से बनी बैकलिंक के बराबर तो नहीं होता लेकिन काम का होता है। इसमें आपको किसी ब्लॉग की ब्लॉगपोस्ट पर जाना होता है इसके बाद आपको स्क्रॉल डाउन करते हुए नीचे आना होगा और आपको कमेंट करने का ऑप्शन मिलेगा। इसमें आप अपना नाम अपना ईमेल और अपनी वेबसाइट या अपनी ब्लॉगपोस्ट का यूआरएल डाल दें और एक अच्छी कमेंट लिखें यदि आपकी कमेंट अप्रूव हो जाएगी तो आपको Do फॉलो बैकलिंक मिल जाएगी। 

बैकलिंक बनाते वक्त सावधानी रखें 

आप इस बात का ध्यान रखें कि आप जब भी बैकलिंक बनाए तो यह देख ले कि उस साइट का स्पैम स्कोर क्या है। यदि उस साइट का स्पैम स्कोर ज्यादा है तो आप उस पर बैकलिंक ना बनाएं। यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। आप जब भी बैकलिंक बनाए तो आप एक साथ ज्यादा बैकलिंक बनाएं और ज्यादा डूफॉलो बैक लिंक भी ना बनाएं। आप डूफॉलो और नोफॉलो बैक लिंक दोनों बनाएं। 

निष्कर्ष 

वैसे आप बैकलिंक पर इतना ध्यान ना दें। यह बाद का काम है। यदि आपका कांटेक्ट हाई क्वालिटी है तो आपकी पोस्ट जरूर रैंक करेगी। आप बैकलिंक को अतिरिक्त के रूप में उपयोग कर सकते हैं। आप बैकलिंक ज्यादा ना बनाएं। आप ज्यादा से ज्यादा 5 या 10 बैकलिंक ही बनाएं। यदि आप ज्यादा बैकलिंक बनाएंगे तो गूगल को लगेगा कि हम ब्लैकहैट SEO कर रहे हैं और वह आपकी साइट का स्पैम स्कोर बढ़ा देगा। 

English Bolna Sikhe – कुछ ही समय में इंग्लिश सीखें

हम जाना चाहते हैं कि English Bolna Sikhe क्यूंकि आज इंग्लिश एक इंटरनेशनल लैंग्वेज बन चुकी है। 


आज हम जहाँ भी जाते हैं चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफ़लाइन हर जगह पर इंग्लिश बोली जाती है। हमें ज्यादातर साइट इंग्लिश लैंग्वेज में ही मिलती हैं। ऐंसे में परेशानी तब आती है जब हमें भी इंग्लिश में बात करनी पड़े। हम ऐंसे में इंग्लिश न जानने के कारण बोल नहीं पाते हैं और हम यह पता करने लगते हैं कि कैसे English Bolna Sikhe तो आज मैं आपको साथ इंग्लिश सीखने की जानकारी शेयर करूंगा। आप इस पोस्ट को पढ़ने से तो इंग्लिश नहीं सीखेंगे क्यूँकि सब कुछ आपकी मेहनत और लगन पर निर्भर करता है लेकिन आपको इस पोस्ट से सही रास्ते का पता चल जायेगा और आप जल्दी से इंग्लिश सीख पाएंगे। 



English Bolna Sikhe


English Bolna Sikhe

आपके मन में यह बात जरूर आयी होगी कि इंग्लिश सीखना इतना जरूरी क्यों हो गया है और इंग्लिश सीखने के क्या फायदे हैं। तो पहले मैं आपके इन सवालो का जवाब दूंगा। 


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इंग्लिश सीखना क्यों जरूरी है?

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया है हम जहां भी जाएं कुछ भी करें हमें इंग्लिश की जरूरत आ ही जाती है और यदि हमसे इंग्लिश नहीं आती है तो हमें कभी कभी शर्मिंदा भी होना पड़ता है। मैं यहां पर यह बात नहीं कर रहा हूं कि हम हमारे मातृभाषा का महत्व काम है। हमारी मातृभाषा का महत्व बहुत ही अधिक है लेकिन हमें दूसरे लोगों से कम्युनिकेशन या दूसरे देशों से बातचीत करने के लिए इंग्लिश भाषा का उपयोग करना पड़ता है। तो यह कुछ कारण है जिनकी वजह से इंग्लिश सीखना जरूरी हो जाता है
  1. आजकल सभी कंप्यूटर डिवाइस मोबाइल डिवाइस या अन्य डिवाइस इंग्लिश भाषा पर ही काम करते हैं और इन्हें चलाने के लिए हमें इंग्लिश आना जरूरी है आजकल के कई डिवाइस हिंदी भाषा को भी सपोर्ट करते हैं लेकिन हमें मुख्य रूप से डिवाइस इंग्लिश भाषा में देखने को मिलते हैं। 
  2. आज के वक्त में इंग्लिश दुनिया की सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है और यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय भाषा भी है। जिसके कारण आज इंग्लिश इंटरनेशनल लैंग्वेज बन चुकी है। दुनिया में किसी से भी बातचीत करने के लिए इंग्लिश का आना जरूरी है क्योंकि इंग्लिश की ऐसी भाषा है जो कि दोनों पक्षों को आती है। 
  3. आजकल दुनिया के हर भाग में इंग्लिश का उपयोग किया जाता है और यदि हम इंग्लिश नहीं जानते हैं तो हमें शर्मिंदगी से गुजारना पड़ता है। तो शर्मिंदगी से बचने के लिए इंग्लिश सीखना जरूरी हो जाता है। 
  4. आज के वक्त में दुनिया की अधिकता जानकारी इंग्लिश भाषा में उपलब्ध है। यदि हमें इस जानकारी को प्राप्त करना है तो हमें इंग्लिश आनी चाहिए। यदि हमको इंग्लिश आने लगती है तो हम इस जानकारी को ज्यादा मेहनत किये आसानी समझ पाएंगे। 
  5. यदि हम लोगों से बातचीत करने में इंग्लिश भाषा का उपयोग करते हैं तो हमारा प्रभाव अच्छा होता है और जॉब इंटरव्यू में हमसे इंग्लिश में ही इंटरव्यू किया जाता है और यदि हम इंग्लिश अच्छी तरह से नहीं बोल पाते हैं तो हमें इंटरव्यू में फेल कर दिया जाता है। 

इंग्लिश सीखने के फायदे

  1. इंग्लिश सीखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हम दुनिया में कहीं भी किसी से भी बात कर सकते हैं क्योंकि दुनिया के ज्यादा लोगों को इंग्लिश भाषा आती है। 
  2. इंग्लिश में बात करके हम लोगों के सामने अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं। 
  3. यदि हमें इंग्लिश भाषा आती है तो हमें पढ़ा-लिखा और समझदार समझा जाता है। 
  4. कोई भी हमें इंग्लिश भाषा के द्वारा बेवकूफ नहीं बना सकता है। 
  5. हम कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस को अच्छी तरह से ऑपरेट कर पाते हैं। 

इंग्लिश करियर में 

इंग्लिश का हमारे कैरियर बनाने में बहुत अधिक महत्व है। यदि आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पायलट या लेक्चरार बनना चाहते हैं तो आपको इंग्लिश आना बहुत जरूरी है क्योंकि यह वह करियर ऑप्शन है जो कि हर कोई चाहता है। 

भारत में इंग्लिश का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है और इंग्लिश के बारे में मजेदार विषय यह है कि अमेरिका के बाद भारत दुनिया का सबसे अधिक इंग्लिश बोलने वाला देश है। 


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इंग्लिश सीखने की टिप्स

तो अब हम अपने मुख्य बात पर आते हैं की कैसे English Bolna Sikhe अब आप इंग्लिश के महत्व और इंग्लिश के फायदे को समझ गए होंगे और आप इंग्लिश सीखने के लिए और भी अधिक मोटिवेट हो चुके होंगे। तो आप इंग्लिश सीखने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें। 

अपना शब्दकोष बढ़ाएं 

आप हमेशा इंग्लिश के नए नए शब्द सीखिए या आप जिस शब्द को पहली बार सुनते हैं आप उस का इंग्लिश मतलब जरूर पता कर ले। आप इसके लिए गूगल ट्रांसलेटर टूल का उपयोग करें। आप गूगल पर शब्द का इंग्लिश मतलब सर्च कर ले आपको जवाब मिल जाएगा। आप एक डिक्शनरी भी खरीद लें जिससे आप रोजाना नए शब्द सीखे। आप अपने मोबाइल में भी डिक्शनरी ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। 



इंग्लिश में बात करें 

आप जब भी बात करें तो आप अपनी बात में टूटी फूटी इंग्लिश बोलना शुरू करें और जैसे जैसे आप इंग्लिश सीखते समय आप मैक्सिमम वर्ड इंग्लिश के ही बोले। जैसे जैसे आप के शब्दकोष में इंग्लिश के शब्द बढ़ते जाएंगे आप इंग्लिश बोलना सीखते जाएंगे। 


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इंग्लिश बोलने वाले लोगों के साथ रहे रहे

आप यदि ऐसे लोगों के साथ रहते है जो कि पहले से इंग्लिश बोल रहे हैं। तो आप उनको देखकर और सुनकर इंग्लिश बोलना सीख जाएंगे क्योंकि इंग्लिश बोलना सीखने का सबसे आसान तरीका है क्योंकि आप धीरे-धीरे उनकी बातों को समझने लगेंगे और जानने लगेंगे कि वह इंग्लिश में क्या बात कर रहे हैं और इसका बहुत ज्यादा असर आपकी भी इंग्लिश पर पड़ेगा। 

दैनिक जीवन में इंग्लिश का उपयोग करें

आप अपने दैनिक जीवन में इंग्लिश का उपयोग करें जैसे कि आप यदि किसी को एस एम एस करते हैं तो आप उसे इंग्लिश में sms करे। यदि आप अपने मोबाइल डिवाइस में हिंदी का उपयोग कर रहे हैं तो आप उसे इंग्लिश में कर दीजिए। 

इंग्लिश न्यूज़ पेपर पढ़ें

यदि आपके पास न्यूज़ पेपर आता है तो आप इंग्लिश न्यूजपेपर मंगाइए और उसे रोजाना पढ़िए इससे आपकी पढ़ने की काबिलियत अच्छी होगी और आपको नए नए शब्द भी सीखने को मिलेंगे। 

इंग्लिश बुक्स पढ़ें

आपको जब भी खाली वक्त मिले आप इंग्लिश बुक से जरूर पढ़ें। यह जरूरी नहीं है कि आप ग्रामर या इंग्लिश सिखाने वाली बुक ही पड़े आप इंग्लिश स्टोरी बुक या इंग्लिश मेग्जीन पढ़ सकते हैं। 

आप ग्रामर सीखें 

आपका जब शब्दकोश अच्छा हो जाए तो आप का मुख्य ध्यान अपने इंग्लिश ग्रामर को मजबूत करने में लगाना चाहिए आप इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन कोचिंग कर सकते हैं या आप यूट्यूब पर उपस्थित ट्यूटोरियल्स देख सकते हैं या आप इंग्लिश ग्रामर बुक भी पढ़ सकते हैं। 

एंड्रॉयड एप से इंग्लिश सीखे

आप गूगल प्ले स्टोर से बहुत सारे ऐसे ऐप डाउनलोड कर सकते हैं जो कि आप को इंग्लिश सिखाने में बहुत मदद कर सकते हैं। 

निष्कर्ष 

तो यहां पर आप तो समझ ही गए होंगे कि आप इंग्लिश को कैसे सीख सकते हैं। यदि आपको इस पोस्ट से इंग्लिश सीखने मदद मिलती है या आपको कोई सवाल है तो आप कमेंट जरूर करिए मैं उसका जवाब जरूर दूंगा। 
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